Zodiac sign

मेष

नामाक्षर – चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ

मेष राशि भचक्र की प्रथम राशि है।इस राशि के जातक साहसी और अड़ियल स्वभाव वाले होते हैं। साहसिकता, वीरता, अहंकार, अपने आप को स्वयंभू नेता समझना किन्तु अपने आश्रितों का पूरा ध्यान एवम् संरक्षण रखना इनके स्वभाव में होता है। शारीरिक गठन दृढ़ होता है। स्वभाव में उग्रता होती है, किन्तु आवेश बहत कम प्रकट करते हैं। घूमने-फिरने के शौकीन होते हैं।इस राशि के जातक ऊँची महत्त्वाकांक्षा रखते हैं,योजनाएंँ बनाने और उन्हें कार्य रूप में परिणत करने में ये कुशल होते हैं।

तमाम बाधाओं को दरकिनार कर अपना मार्ग स्वयं बनाते हैं।मित्रता हो या शत्रुता पूरी तरह निभाते हैं।

शुभ दिन – मङ्गलवार, गुरुवार, शनिवार

शुभ रंग – सफेद, गुलाबी, पीला

शुभ रत्न – पुखराज, माणिक्य

शुभ अंक – 1, 2, 3

वृष

नामाक्षर – ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

वृष राशि में जन्म लेने वाले जातकों का कद मध्यम श्रेणी का,रंग प्रायः साफ,आँखें सम्मोहक एवं शरीर का गठन सुन्दर होता है। ये दृढनिश्चयी, साहसी तथा ऊर्जा से परिपूर्ण होते हैं। सामान्यतः शान्त स्वभाव के होते हैं,परन्तु क्रोध आ जाये तो मरने-मारने के लिए तैयार हो जाते हैं।अथक परिश्रमी होते हैं तथा अपने जीवन में कोई बड़ा एवम् महत्त्वपूर्ण कार्य करते हैं। इस राशि के जातक नृत्य, कला के शौकीन, प्रकृति प्रेमी, आराम पसन्द एवम् खान-पान के प्रेमी होते हैं। अपने मन के राजा होते हैं। नौकरी एवम् व्यवसाय दोनों में बड़ी सफलता प्राप्त करते हैं।

शुभ दिन – बुधवार, शुक्रवार, शनिवार

शुभ रंग – श्वेत, हरा

शुभ रत्न – नीलम,पन्ना

शुभ अंक – 1, 5, 8

मिथुन

नामाक्षर – का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा

मिथुन राशि वाले जातक प्राय: वाक्‌पटु होते हैं। इनकी बोली साफ, मीठी एवम् प्रभावोत्पादक होती है। प्रत्युत्पन्नमति के कारण सहज ही हास्य उत्पन्न कर देते हैं। विद्या एवं ज्ञानार्जन करने से स्वाभाविक लगाव होता है। इस राशि के जातक बुद्धिमान होते हैं। मस्तिष्क उर्वर होने के कारण तर्क-वितर्क एवम् विश्लेषण करने में प्रवीण होते हैं। दूरदर्शी एवम् बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं। सन्तति सुख मध्यम श्रेणी होता है। जातक प्रायः व्यापारी, गणितज्ञ, लेखक का कार्य सफलतापूर्वक करते हैं। साझेदारी के कार्यों में भी सफलता प्राप्त करते हैं।
शुभ दिन – बुधवार, शुक्रवार, गुरुवार
शुभ रंग – पीला, हरा
शुभ रत्न – पन्ना, पुखराज
शुभ अंक – 3, 5

कर्क

नामाक्षर – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कर्क राशि के जातक संवेदनशील एवम् भावनाप्रधान व्यक्तित्व होते हैं। सामाजिक एवं लोकप्रिय होते हैं। सौम्य स्वभाव,कला, संवेदना के प्रेमी, स्वाभिमान के धनी, न्यायप्रिय एवं स्पष्टवादी होते हैं।परिस्थितियों के अनुरूप आचरण करना,स्थिर गति से बहुमाध्यमों द्वारा उन्नति करना, लज्जाशीलता एवम् भौतिक उन्नति में लगे रहना ऐसे जातकों के स्वभाव में होता है। निजता के प्रति संवेदनशील होते हैं।एकान्तवास करना पसन्द करते हैं।सन्तति सुख उत्तम श्रेणी का मिलता है। आर्थिक सुरक्षा के प्रति चिन्तित रहते हैं।ऐसे जातक व्यापार में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं।

शुभ दिन – सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार

शुभ रंग – श्वेत, लाल, पीला

शुभ रत्न – मोती, मूँगा, पुखराज

शुभ अंक– 1, 2, 6, 9

सिंह

नामाक्षर – मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

सिंह राशि भचक्र की पञ्चम् राशि है। स्वाभिमान, घूमने-फिरने का शौक,आजादी,निरंकुश प्रवृत्ति एवम् संरक्षितों का पोषण इस राशि के जातकों का सामान्य स्वभाव है।ये किसी की अधीनता स्वीकार नहीं करते हैं। इन्हें राजसी ठाट-बाट पसन्द है।इस राशि के जातकों का बेहद जोशीला एवम् आकर्षक व्यक्तित्व होता है। दूसरों की गलतियों को भूल जाना तथा अपनी मर्जी से दूसरों की सहायता करना इनके व्यक्तित्व का विशेष गुण होता है।इस राशि वाले स्वभाव से ही शासक और आज्ञा देने वाले होते हैं।रचनात्मकता, आदर्शवाद, नेतृत्व, असीम उत्साह, महत्वाकांक्षा,इनके व्यक्तित्व का विशेष गुण होता है। अच्छे परामर्श दाता,खेलकूद, नृत्य एवं आमोद-प्रमोद में रुचि लेते हैं।

शुभ दिन – रविवार, मंगलवार, बुधवार

शुभ रंग – श्वेत, लाल

शुभ अंक– 1, 5, 9

शुभ रत्न – मूँगा, माणिक्य

कन्या

नामाक्षर – टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कन्या राशि में जन्म लेने वाले लोग प्राय: अपने वर्तमान से असंतुष्ट रहते है। कार्यक्षेत्र, मकान इत्यादि में निरन्तर परिवर्तन होता रहता है। स्वाभिमान इस राशि की पहचान है। उत्तरोत्तर उन्नति करते रहना इसका स्वभाव है। कन्या राशि वाले लोग प्राय: अल्पसन्ततिवान् एवम् शीतल स्वभाव के होते हैं। कृषि कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं। व्यवसाय करना पसन्द करते हैं तथा लाभ भी अत्यधिक पाते हैं परन्तु स्वभावतः कृपण होते हैं। चूँकि बुद्धि से शासित होते हैं, अत: विश्लेषण शक्ति एवम् तर्क क्षमतावान् होते हैं। संशयात्मक बुद्धि के कारण अनिर्णय की स्थिति में रहते हैं। सृजनात्मक क्षमता से युक्त होते हैं। चित्रकारी एवम् कला में विशेष अभिरुचि रखते हैं।

शुभ दिन – बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

शुभ रंग – हरा, क्रीम, श्वेत

शुभ अंक– 3, 6, 5

शुभ रत्न – पन्ना, हीरा

तुला

नामाक्षर – रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते

तुला राशि में जन्म लेने से व्यक्ति साहसी, शूर-वीर,व्यापारकुशल एवम् अच्छे मित्रों से युक्त होता है। ऐसे व्यक्तियों में राजनैतिक चतुरता, अपना काम सिद्ध करने में कुशलता, विचारशीलता और शास्त्रों के प्रति जिज्ञासा का गुण पाया जाता है। जातक न्यायप्रिय होता है। हर परिस्थिति से सामंजस्य स्थापित करना, धैर्य ना खोना इनके स्वभाव की विशेषता होती है। तुला राशि वाले जातकों का जीवन अधिक संघर्षमय होता है, कठिनाईयाँ आती हैं, किन्तु ये विजेता बनकर उभरते हैं। इनका जीवन योग-भोग से परिपूर्ण होता है। उत्तमगृह एवम् वाहन सुख मिलता है।

शुभ दिन – शनि, शुक्र, बुध, चन्द्र

शुभ रंग – श्वेत, गुलाबी, बहुरंगी

शुभ अंक– 2, 8, 5, 6

शुभ रत्न – नीलम, मोती, हीरा

वृश्चिक

नामाक्षर – तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वृश्चिक रहस्यमय राशि है। इस राशि के जातक ताउम्र रहस्यों को दबाये रखते हैं। बदला लेने की प्रवृत्ति पायी जाती है। जिद, अपने निश्चय पर अटल रहना, टूट जाना पर झुकना नहीं, किसी को प्रिय-अप्रिय लगने का विचार किए बिना साफ कहना,इन लोगों का विशेष गुण होता है। संवेदनशीलता अधिक होने के कारण भावनाओं में विचलित हो जाते हैं। दूरदर्शी, नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण एवं कुशल कूटनीतिज्ञ होते हैं। इस राशि के व्यक्ति किसी की अधीनता स्वीकार नहीं करते, आज्ञा देना पसन्द करते हैं। एकान्तप्रिय होते हैं, बुद्धि तीक्ष्ण होती है। आसानी से किसी को अपनी बात नहीं बताते। राजनीतिशास्त्र, दर्शन, ज्योतिष एवम् गन्धर्व विद्या में रुचि रखते हैं।

शुभ दिन – सोमवार, रविवार, गुरुवार, मंगलवार

शुभ रंग – गुलाबी, श्वेत, पीला

शुभ अंक– 9, 3, 1, 2, 6

शुभ रत्न – पुखराज, मोती, माणिक्य

धनु

नामाक्षर – ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढ, भे

धनु राशि के जातकों में दयालुता, परोपकार, आस्तिकता, विश्वास- परायणता जैसे गुणों के साथ-साथ अधिकारप्रियता की भावना रहती है। वाद-विवाद में पीठ दिखाना इन लोगों को नहीं आता। भाषण करते समय पूरी क्षमता के साथ बोलते हैं। व्यक्तित्त्व में गुरुता तथा आत्मविश्वास से पूर्ण होते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी जातक निर्भयता के साथ अपने लक्ष्य के प्रति केन्द्रित रहता है। ऐसे लोग कोई भी कार्य पूरी सूझ-बूझ के साथ करते हैं। धनु राशि में जन्मे व्यक्ति चरित्रवान् एवम् आर्थिक दृष्टि से समृद्ध होते हैं। जीवन संघर्ष अधिक होता है। प्रायः मधुरभाषी होते हैं परन्तु सत्य बोलने में हिचकते नहीं,चाहे कड़वा ही क्यों ना हो। जातक अध्यापन, लेखन, सलाहकार, व्यवसाय के क्षेत्र में सफलता अर्जित करते हैं।

शुभ दिन – बुधवार, गुरुवार, रविवार

शुभ रंग – पीला, लाल

शुभ अंक– 1, 3, 5, 9

शुभ रत्न – पुखराज, माणिक्य

मकर

नामाक्षर – भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मकर राशि के जातक कर्त्तव्यपरायण एवं महत्त्वाकांक्षी होते हैं। अपने हित – अहित के प्रति विशेष रुप से सतर्क रहते हैं। मितव्ययी होते हैं, परन्तु धनसंचय नहीं कर पाते । यद्यपि धनाभाव से काम रुकता नहीं अपितु सरलता या कठिनता से कार्य सम्पन्न हो जाता है।
इस राशि के जातक प्रायः अन्तर्मुखी एवं स्वार्थी होते हैं। जीवन के हर क्षेत्र में स्थायित्व का अभाव होता है, परिवर्तन निरन्तर होता रहता है।देश-देशान्तरों की यात्राएंँ करते रहते हैं। आत्मश्लाघा में अपने द्वारा कृत कार्यों का अतिशयोक्ति पूर्वक वर्णन करते हैं।इस राशि में जन्म लेने वाले जातक संयमी, परिश्रमी,सज्जन एवम् गम्भीर होते हैं। परिश्रम पर भरोसा करते हैं। सफलता देर से प्राप्त होती है।

शुभ दिन – बुधवार, शुक्रवार, शनिवार

शुभ रंग – नीला, श्वेत, धानी

शुभ अंक– 5, 6, 8

शुभ रत्न – हीरा, नीलम

कुम्भ

नामाक्षर – गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कुम्भ राशि के जातक तीव्र स्वभाव वाले उदार एवम् साहसी होते हैं। शिल्प चातुर्य, नवोन्मेषी, अनुसंधान, धैर्य एवं विचारशीलता इनके व्यक्तित्व के आभूषण हैं। ऐसे लोग कल्पनाशील, भावुक और महत्त्वाकांक्षी होते हैं। एकान्त एवम् निर्जन स्थानों से इन्हें विशेष लगाव होता है। घूमने-फिरने में आनन्द आता है, किसी भी कार्य को अपरिहार्य स्थिति तक टालते रहते हैं। इस राशि वाले जातक आध्यात्मिक एवम् रहस्यवादी होते हैं।उदार हृदय, अनुशासन प्रिय एवम् मितभाषी होते हैं, समाजसेवा में रुचि होती है। चापलूसी पसन्द नहीं करते हैं। प्रायः सिद्धान्तवादी होते हैं, इनकी कथनी-करनी में अन्तर नहीं होता है।कष्ट अधिक उठाते हैं।चली आ रही व्यवस्था में परिवर्तन लाने के पक्षधर होते हैं।

शुभ दिन – गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार

शुभ रंग – नीला, सफेद

शुभ अंक– 3, 6, 8

शुभ रत्न – हीरा, नीलम

मीन

नामाक्षर – दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

मीन राशि जिनके जन्म समय में प्रवर्तमान रहती है, वे सहानुभूति, परोपकार, करुणा एवम् दया की भावना से ओतप्रोत होते हैं। विचारों में द्वन्द्व होता है, जिस कारण से जल्दी निर्णय पर नहीं पहुँच पाते हैं। बुद्धि की अपेक्षा मनोनुकूल निर्णय अधिक लेते हैं। तर्क एवम् विश्लेषण क्षमता से सम्पन्न होते हैं। कल्पना लोक में विचरण करते हैं। नई- नई योजनाएँ बनाते हैं। आकर्षक व्यक्तित्व होने के कारण ये मित्र जल्दी बनाते हैं।मीन राशि के जातक एक कुशल नियोजक, दार्शनिक एवं अध्यापक के रुप में विशेष सफलता अर्जित करते हैं, स्वाभिमानी एवं सामाजिक होते हैं। अपने कुल में विख्यात होते हैं।

शुभ दिन – मंगलवार, बुधवार, गुरुवार

शुभ रंग – पीला, गुलाबी, श्वेत

शुभ अंक– 3, 5, 9

शुभ रत्न – पुखराज, मोती, मूंगा

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